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Toggleपीरियड्स में खाएं ये 5 चीजें? दर्द और कमजोरी दूर करने वाले सुपरफूड्स
presented by – Dr. Rashmi Pawar
पीरियड्स के दौरान महिलाओं का शरीर थोड़ा कमजोर होता है। इस समय क्या खाएं और क्या ना खाएं इस पर ध्यान देना बहुत जरूरी होता है। पीरियड्स के समय पेट में दर्द, शरीर में कमजोरी और मूड स्विंग्स आम बात है।
इस लेख में हम यही जानेंगे कि पीरियड्स में क्या खाएं दर्द और कमजोरी दूर करने वाले सुपरफूड्स |
पीरियड्स या मासिक धर्म हर महीने महिलाओं के शरीर में होने वाली एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। यह कोई बीमारी नहीं है | यह एक reproductive system का हिस्सा है जो यह बताता है कि शरीर गर्भधारण के लिए तैयार है।
पीरियड्स के दौरान गर्भाशय की ऊपरी परत (uterus की lining) टूटकर खून के रूप में बाहर निकलती है। यह प्रक्रिया 3 से 7 दिन तक चलती है। यह हर एक महिला में अलग-अलग cycle हो सकती है। जब अंडाणु (eggs) का निषेचन नहीं होता (pregnancy नहीं होती) तब यह प्रक्रिया होती है।
यह प्रक्रिया हर एक के अनुसार बदलती है। सामान्य महिलाओं में लगभग 28 दिनों के बाद एक cycle होता है। हर महिला का अलग-अलग होता है। हर महीने महिलाओं के गर्भाशय (uterus) के अंदर एक नई endometrium layer बनती है। अगर इसमें कोई egg आकर fertilised हो जाता है तो pregnancy हो जाती है।
पीरियड्स शुरू होने की आयु 12 से 14 साल है। लेकिन वर्तमान जीवनशैली के कारण पीरियड्स 9 वर्ष के अंदर भी आ सकते हैं। जब किसी लड़की को पहली बार पीरियड्स आते हैं उसके बाद यह cycle 1-2 साल तक irregular हो सकता है। कुछ लड़कियों को 2 महीने, 3 महीने या 6 महीने बाद पीरियड्स आते हैं।
पहली बार पीरियड्स आने से पहले हमारे शरीर में कुछ बदलाव दिखाई देते हैं। हमारे स्तन (breast) का विकास होना, हमारे कूल्हे (hips) चौड़े होना लगते हैं। हमारे शरीर से white discharge भी देखने को मिलता है। पीरियड्स आने से पहले हमारे पेट में दर्द होता है। ये कुछ बदलाव [symptoms] पीरियड्स आने से पहले हमें दिखाई देते हैं।
पीरियड्स में क्या खाना बहुत जरूरी है, जिससे हमारे शरीर को पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मिल सके। इसलिए पीरियड्स में क्या खाना चाहिए यह समझना जरूरी है।
पीरियड्स में कौन-कौन से पदार्थ खाने से ऊर्जा (Energy) मिलती है , मूड स्विंग्स (Mood Swings) नहीं होते, पेट दर्द कम होता है—ऐसे हर एक पदार्थ के बारे में हम आज इस पोस्ट में जानेंगे।
1) केला
केले में potassium ज्यादा मात्रा में होता है और Vit B6 भी होता है। पीरियड्स के दौरान केला खाना काफी फायदेमंद होता है। यह सिर्फ energy नहीं देता बल्कि कई तरह के जरूरी nutrition भी देता है।
i) Energy बढ़ाता है
पीरियड्स में कमजोरी और थकान आना common बात होती है। केला natural sugar (glucose, sucrose) से भरपूर होता है जिससे तुरंत energy मिलती है।
ii) Mood improve करता है
त्योहार समय पर पीरियड्स के mood swings आना सामान्य है। केले में vitamin B6 होता है जो serotonin (happy hormone) बनाने में मदद करता है। इससे mood swings और irritability कम होती है।
iii) Muscle cramps कम करता है
कई बार लड़कियों को पीरियड्स में पेट और बॉडी में cramps होते हैं। केला potassium से भरपूर होता है जो muscle को relax करके cramps को कम करता है।
iv) Digestion improve करता है
पीरियड्स के समय लड़कियों को constipation या bloating हो सकता है। केले में ज्यादा मात्रा में fiber होता है जो digestion को smooth बनाता है।
v) Hemoglobin support करता है
केले में थोड़ी मात्रा में iron भी होता है जो blood loss के दौरान body को support करता है (iron के लिए दूसरे foods भी जरूरी हैं)।
केले में मिलने वाले nutrients
• Potassium → cramps और bloating कम करता है
• Vitamin B6 → mood control
• Vitamin C → immunity support
• Fiber → digestion सुधारता है
• Magnesium → muscle relaxation
• Carbohydrates → instant energy
• Iron (थोड़ी मात्रा में) → blood support
ध्यान रखने वाली बातें
• बहुत ज्यादा केला (2-3 से ज्यादा रोज) खाने से bloating हो सकता है
• अगर आपको cold/cough tendency है तो रात में केला avoid करें
• Balanced diet जरूरी है – सिर्फ केला ही काफी नहीं है
केला खाने का बेस्ट तरीका
• सुबह या दिन में 1-2 केले खाएं
• केले को milk, oats या peanut butter के साथ भी ले सकते हैं
• पीरियड्स cramps के लिए banana + warm milk अच्छा combo होता है
2) गुड़
गुड़ में ज्यादा मात्रा में iron होता है, जो हमारे शरीर में hemoglobin की मात्रा को बढ़ाता है। इसके साथ potassium और calcium भी गुड़ में होता है।
1 . खून की कमी को बढ़ाता है
पीरियड्स में blood loss होता है, जिससे शरीर में कमजोरी आती है। गुड़ में iron होता है जो खून की कमी (anemia) को दूर करता है।
2 . थकान और कमजोरी कम करता है
गुड़ एक natural energy booster होता है, जो शरीर को तुरंत energy देता है और थकान कम करता है।
3 . पीरियड्स cramps कम करता है
गुड़ natural energy booster होने के कारण body में endorphins (feels good hormones) release करने में help करता है, जिससे पीरियड्स cramps कम होते हैं।
4 . Mood swings control करता है
पीरियड्स के दौरान irritability और mood swings common हैं। गुड़ से शरीर में endorphins (feels good hormones) release होते हैं जिससे mood को stable करने में मदद मिलती है।
5 . Digestion improve करता है
गुड़ digestion को activate करता है और bloating या constipation को कम करता है।
गुड़ में मिलने वाले Nutritions
Iron (आयरन) -> hemoglobin बढ़ाता है |
magnesium (मैग्नीशियम) -> muscle relax करता है | (cramps कम करता है)
Potassium (पोटैशियम) -> weakness कम करता है |
Calcium (कैल्शियम) -> bone को support करता है |
Antioxidants (एंटीऑक्सीडेंट) -> body detox में मदत करता है |
carbohydrate (कार्बोहाइड्रेट) -> body को energy देता है |
गुड़ खाते समय ध्यान रखने वाली बातें
- गुड़ ज्यादा मात्रा में (2-3 छोटे टुकड़े से ज्यादा) न खाएं, वरना sugar level बढ़ सकता है |
- Diabetes के patiers को doctor से पूछकर ही खाना चाहिए |
- हमेशा Pure (desi) गुड़ ही खाएं, मिलावट गुड़ से दूर रहें।
गुड़ खाने का Best तरीका
- खाना खाने के बाद 1 छोटा टुकड़ा खा सकते हैं।
- गुड़ और तिल का लड्डू बनाके भी खा सकते हैं।
- गुड़ को गर्म पानी या इसकी चाय भी बनाके पी सकते हैं।
3) पालक
पीरीयड्स में पालक खाना वरदान है। पालक में सबसे ज्यादा मात्रा में Iron होता है। Iron हमारे शरीर में होने वाले खून की कमी (hemoglobin) को संतुलित बनाये रखता है।
1) खून की कमी को पुरा करता है
पीरीयड्स में लड़कियों के शरीर से बहुत सारा खून जाता है जिससे उनके शरीर में hemoglobin की मात्रा कम हो सकती है। पालक में ज्यादा मात्रा में Iron होता है। Iron हमारे शरीर में खून की कमी (Anemia) नहीं होने देता। वो हमारे शरीर में खून की मात्रा को संतुलित करता है।
2) थकान और कमजोरी दूर करता है
पालक हमारे पूरे शरीर को जरूरी Nutrition देता है जिससे energy level maintain रहती है। पालक में iron, magnesium, vitamin B6 जैसे घटक ही होते हैं, जो हमारे शरीर को थकान और कमजोरी से दूर रखता है।
3) पीरीयड्स cramps कम करता है
पालक में magnesium होता है, जो muscles को Relax करता है और cramps को कम करता है। Magnesium पीरीयड्स cramps को कम करने में मदद (help) करता है।
4) Mood improve करता है।
पालक में Folate (Vit B9) होता है, जो mood को अच्छा करने में मदद करता है और stress कम करता है।
5) Immunity strong करता है।
पालक में Vitamin B9 के साथ साथ Vitamin C और antioxidant होते हैं, जो Body को infection से बचाते हैं।
पालक में मिलने वाले Nutritions
- Iron (आयरन) -> hemoglobin बढ़ाता है |
- Folate (vit B9) (फोलेट) -> mood और blood health
- magnesium (मैग्नीशियम) -> cramps कम करता है |
- calcium (कैल्शियम) -> bones strong करता है |
- vit C (विटामिन सी) -> Immunity boost
- fiber (फाइबर) -> digestion को improve करने में मदद करता है।
ध्यान रखने वाली बातें
- पालक को हमेशा अच्छी तरह धोकर और पकाकर खाएं।
- ज्यादा मात्रा में रोज खाने से kidney stone वाले लोगों को Problem हो सकती है।
- ज्यादा Iron absorption के लिए पालक को vit C वाले Food के साथ लें।
पालक खाने का Best तरीका
- पालक को सब्जी या दाल में मिलाकर खाएं |
- पालक का सूप या स्मुदी (smoothie) भी बनाकर ले सकते हैं।
- पालक + निंबू का रस = best option
4) दही
दही ये ठंडा होता है, ये हमारे पेट को ठंडक पहुंचाता है इससे हमें पीरीयड्स के दौरान आराम मिलता है।
1) पेट में ठंडक और आराम देता है।
पीरीयड्स के दौरान acidity, bloating या पेट में discomfort होता है। दही पेट को स्मूथ करता है और digestion improve करता है।
2) mood swings कम करता है
दही में Probiotics होते हैं, जो gut health सुधारते हैं। अच्छी gut health mood को भी positive रखती है।
3) Body को strong बनाता है।
दही में calcium और protein होता है, जो muscles और bones को support करता है, जिससे body weak नहीं लगती।
4) infection से बचाव
पीरीयड्स के दौरान Vaginal infection का Risk थोड़ा बढ़ सकता है। दही के good bacteria (probiotics) immunity को support करते हैं।
5) cramps कम करने में मदत करता है
दही में calcium और magnesium होते हैं, जो muscle Relaxation में मदद करते हैं और दर्द थोड़ा कम करते हैं।
दही में मिलने वाले Nutritions
- calcium (कैल्शियम) -> bones और muscles strong
- Protein (प्रोटीन) -> body Repair और strength
- Probiotics (प्रोबायोटिक्स) -> gut health improves
- Vitamin B12 (विटामिन बी12) -> energy और Nervous system
- magnesium (मैग्नीशियम) -> cramps कम करता है |
दही खाते समय याद रखने वाली बातें
- बहुत ठंडी दही (ridge से तुरंत) खाने से कुछ लोगों में cramps बढ़ सकते हैं।
- अगर आपको cold/ cough सर्दी होता है, तो रात में avoid करें।
- flavored या sugary दही की जगह Plain दही ही लें।
दही खाने का Best तरीका
- दही को room temperature पर खाएं
- दही + थोड़ा सा गुड़ = testy और healthy
- दही + थोड़ा सा गुड़ = testy और healthy
5) अदरक (ginger)
अदरक में Vit B6, magnesium, Potassium होते हैं, जो हमें पीरीयड्स के समय हमारे शरीर को मदद करते हैं।
1) Periods cramps कम करता है |
अदरक में natural anti-inflammatory Properties होती हैं, जो uterus के pain और cramps को कम करने में मदद करती हैं।
2) Nausea और उल्टी ( vometing )कम करता है |
Digestion improve करता है। अदरक digestion को stimulate करता है और bloating, gas जैसी Problems को कम करता है।
3) Nausea और उल्टी कम करता है
कई लोगों को periods के दौरान Nausea या उल्टी (Vometing) जैसा Feel होता है। अदरक इसे control करने में बहुत effective है।
4) Blood circulation बेहतर करता है।
अदरक body में blood flow improve करता है। जिससे
5) Immunity boost करता है।
अदरक में antioxidants होते हैं, जो body को strong बनाते हैं और infection से बचाते हैं।
अदरक में मिलने वाले Nutritions
- gingerol (जिंजरोल) -> ये हमारे शरीर में anti-inflama-tory effect को control करता है।
- Vitamin B6 (विटामिन बी6) -> metabolism को support करता है।
- magnesium (मैग्नीशियम) -> muscle को Relaxation करता है।
- Potassium (पोटैशियम) -> body को balance करता है।
अदरक खाते समय ध्यान रखने वाली बातें
- ज्यादा मात्रा (बहुत ज्यादा अदरक) से acidity हो सकती है।
- अगर आपको stomach ulcer या severe acidity है, तो कम मात्रा में लें।
- Pregnancy या medical condition में doctor से पूछकर लें।
अदरक खाने का Best तरीका
- अदरक की चाय (ginger tea) सबसे best
- अदरक + शहद (honey) लेना भी फायदेमंद है।
- सब्जी या soup में add कर सकते हैं।